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Showing posts from June, 2019

ज़िन्दगी

खुदगर्ज़ सी हैं शायद , खुशनुमा भी होती , ए ज़िन्दगी तू बहुत छोटी हैं, ज़रा थोड़ी बड़ी भी होती , मेरे ज़ज़बात बयाँ कर पाती, अगर उसमे 2-4 साँसे ओर लिखी होती, खैर अब वक्त हैं जाने का , उससे कौन रोकेगा ....., मरने के बाद मेरे दिल को कौन देखेगा।। ******** #लवलीन यदुवंशी

मेरी ना समझी ,

 ✍️उसकी आंखों में , मेरे प्यार की लहरें देखी मैने, क्या पता था......? उसका दिल समुंद्र की तरह, कई ज़ज़्बात दबाये बैठा हैं।।