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Showing posts from November, 2021

उनको

मेरे गीत उन तक पहुँचते हैं सारे, की मुझे गुनगुनाने की आदत है उनको। मुझे भूल जाते है बातों में रहकर, की ऐसे जमाने की आदत है उनको। मुझे वो ख़रीदे उनका ये हक़ हैं, वो दोलत कमाने की आदत है उनको। वो मुझको मना कर ही देते है, अक्सर यूँ सताने की आदत है उनको । वो पलके उठाते हैं पलके झुकाते है, यूँ मुस्कुराने की आदत है उनको । मेरा दिल दुखाने की आदत है उनको, की देर से आने की आदत हैं उनको।। #लवलीन यदुवंशी  10.11.2020

एक शख्स

एक शख्स मुझे ऐसे नजर आता हैं, जैसे अंधेरे कमरे में रोशनदान नजर आता हैं, वो दूर भले ही है मुझ से, लेकिन मेरे हर किरदार में नजर आता है, झलक उसकी मेरी आँखों मे दिखती है, वो ये जान के भी अनजान बना बैठा है, झूठी रिवायतें दुनिया की ,मैं भी जानती हूँ, फिर क्यों वही चेहरा मुझे , हर जगह नज़र आता हैं, उसकी यादों के किस्सों की , हमने कहानिया बना ली है, अब तो हर रोज उस कहनी को  पढ के ही चैन आता हैं....।। #लवलीन यदुवंशी 25.10.2020

गठबंधन

ये कोई बंधन नही ..., तेरे मेरे प्रेम के धागे हैं, जो हम दोनों ने मिलकर बाँधे हैं, प्यार, प्रीत, सम्मान, विश्वास के धागे हैं, तेरे बिना मैं मेरे बिना तुम दोनों आधे आधे हैं। #लवलीन यदुवंशी 10.21.2021