तुम चाँद तो मैं सितारा बन गई,
तुम रात तो मैं मिठी सुबह बन गई,
तुम गहरा सागर तो मैं किनारा बन गई,
तुम शाम तो मैं उजाला बन गई,
तुम जो रोज़ यूँ मिलने की बात करते हो,
तो.....?
वो देखो...,
वो देखो ना....,
वो देखो दूर क्षितिज पर .....
कुछ ऐसा होगा हमारा मिलन.........!!
#लवलीन यदुवंशी
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