अधूरी प्रीत
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दीपक इस कहानी का मुख्य किरदार है । दीपक एक पढ़ा लिखा समझदार लड़का है घर मे माता पिता ओर तीन बहने है , तीनों बहनों की शादी शुदा ज़िन्दगी अच्छे से गुजर रही हैं , दीपक सबसे छोटा और बस एक अच्छी सरकारी नोकरी की तलाश में 2 बार सरकारी नोकरी छोड़ कर अब दिल्ली में account officer की जॉब कर रहा है ।
घर परिवार में सब दीपक के पीछे पड़े रहते है , की भाई तू शादी करने की हा कर दे लेकिन दीपक है की उसको अभी और अच्छी नोकरी की तलाश हैं। वह दिन रात अपने सपने पूरे करने में लगा रहता था । घरवालों ने उसके बार बार मना करने पे पूछ भी लिया कि क्या तुमको कोई और लड़की पसन्द है ,तो तुम बता दो हम तुम्हारी शादी उसी लड़की से करवा देंगें।
लेकिन दीपक का ध्यान तो आज तक पढ़ाई के अलावा कही गया ही नही। अब दीपक ने अपने माता पिता के नज़रिए से देखा तो समझा की शादी सही समय पे कर ली जाये तो ठीक रहेगा । अभी दीपक 28 वर्ष का ही हुआ है , लेकिन चलो घरवालों की जैसी इच्छा । दीपक के लिए घरवालो ने लड़की तो पसन्द कर ही रखी थी , बस दीपक को सोनिया से मिलवाया । तो दोनों ने एक दूसरे को पसंद कर लिया। लड़की भी NET करने के बाद P. hd. कर रही थी और साथ मे किसी कोचिंग एकेडमी में पढ़ाने जाती थी , salary pckg. भी अच्छा था। दोंनो की फरवरी महीने में सगाई कर दी।
सगाई के बाद दोनों (दीपक ओर सोनिया) ने तय किया कि शादी नवम्बर या दिसम्बर में करेंगे क्योंकि दोनों को अभी अपनी एक अच्छी नोकरी के साथ साथ अच्छा जीवन जीने के लिए , थोड़ी ओर मेहनत करनी थी। सगाई के बाद दोनो एक दूसरे से फ़ोन पे ख़ूब बाते करते थे। एक दूसरे से जब भी समय रहता तो मिलते रहते थे। एक दूसरे को समझने लगे थे , प्यार करने लगे थे। अपने उज्ज्वल भविष्य की तैयारियों में दोनों व्यस्त थे ।
अचानक अभी मई महीने में (मई 2019) दीपक के पास सोनिया का फ़ोन आया । कि आप मुझे आके मिलो , सोनिया ने जिस जगह दीपक को बुलाया वो कैंसर वार्ड था किसी निजि अस्प्ताल का, दीपक वहा पहुचा तो सोनिया को लेटा हुआ पाया । दीपक ने सोनिया से पूछा कि तुम यहा तो सोनिया ने अपनी जांच की फ़ाइल दीपक की ओर देते हुए । दीपक को कहा कि आप इसे पढो । दीपक ने डॉक्टर से इस रिपोर्ट के बारे में बात की तो पता चला । सोनिया को last stage canser हैं , सोनिया ने कहा अब आप अपने घर जाओ और दुबारा यहा कभी मत आना।
डॉक्टर ने दीपक को बताया सोनिया बस थोड़े दिनों की महमान है, इसके पास ज्यादा समय नही है।।
सोनिया ने तो दीपक को मिलने से मना कर दिया , लेकिन दीपक या सोनिया दोनों ने सगाई के बाद अब तक जो सपने देखे थे । जो बातें की थी , उन सबको दीपक के लिए भुलाना आसान नही है , क्योकि दीपक की ज़िंदगी मे पहली लड़की सोनिया ही थी, जिसको उसने अपना दोस्त, प्यार और पत्नी के रुप मे स्वीकार कर लिया था।
आगे इनकी ज़िंदगी मे या इनके नशीब में क्या लिखा हुआ है ये तो पता नही...... , लेकिन भगवान से पार्थना करती हूं कि इन दोनों को इस दुख से निकलने की हिम्मत दे भगवान । भगवान ऐसे किसी के प्यार को अधूरा ना रहने दो ।।
🙏हे प्रभु ऐसे दुख किसी के जीवन मे ना आये।।
धन्यवाद।
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दीपक इस कहानी का मुख्य किरदार है । दीपक एक पढ़ा लिखा समझदार लड़का है घर मे माता पिता ओर तीन बहने है , तीनों बहनों की शादी शुदा ज़िन्दगी अच्छे से गुजर रही हैं , दीपक सबसे छोटा और बस एक अच्छी सरकारी नोकरी की तलाश में 2 बार सरकारी नोकरी छोड़ कर अब दिल्ली में account officer की जॉब कर रहा है ।
घर परिवार में सब दीपक के पीछे पड़े रहते है , की भाई तू शादी करने की हा कर दे लेकिन दीपक है की उसको अभी और अच्छी नोकरी की तलाश हैं। वह दिन रात अपने सपने पूरे करने में लगा रहता था । घरवालों ने उसके बार बार मना करने पे पूछ भी लिया कि क्या तुमको कोई और लड़की पसन्द है ,तो तुम बता दो हम तुम्हारी शादी उसी लड़की से करवा देंगें।
लेकिन दीपक का ध्यान तो आज तक पढ़ाई के अलावा कही गया ही नही। अब दीपक ने अपने माता पिता के नज़रिए से देखा तो समझा की शादी सही समय पे कर ली जाये तो ठीक रहेगा । अभी दीपक 28 वर्ष का ही हुआ है , लेकिन चलो घरवालों की जैसी इच्छा । दीपक के लिए घरवालो ने लड़की तो पसन्द कर ही रखी थी , बस दीपक को सोनिया से मिलवाया । तो दोनों ने एक दूसरे को पसंद कर लिया। लड़की भी NET करने के बाद P. hd. कर रही थी और साथ मे किसी कोचिंग एकेडमी में पढ़ाने जाती थी , salary pckg. भी अच्छा था। दोंनो की फरवरी महीने में सगाई कर दी।
सगाई के बाद दोनों (दीपक ओर सोनिया) ने तय किया कि शादी नवम्बर या दिसम्बर में करेंगे क्योंकि दोनों को अभी अपनी एक अच्छी नोकरी के साथ साथ अच्छा जीवन जीने के लिए , थोड़ी ओर मेहनत करनी थी। सगाई के बाद दोनो एक दूसरे से फ़ोन पे ख़ूब बाते करते थे। एक दूसरे से जब भी समय रहता तो मिलते रहते थे। एक दूसरे को समझने लगे थे , प्यार करने लगे थे। अपने उज्ज्वल भविष्य की तैयारियों में दोनों व्यस्त थे ।
अचानक अभी मई महीने में (मई 2019) दीपक के पास सोनिया का फ़ोन आया । कि आप मुझे आके मिलो , सोनिया ने जिस जगह दीपक को बुलाया वो कैंसर वार्ड था किसी निजि अस्प्ताल का, दीपक वहा पहुचा तो सोनिया को लेटा हुआ पाया । दीपक ने सोनिया से पूछा कि तुम यहा तो सोनिया ने अपनी जांच की फ़ाइल दीपक की ओर देते हुए । दीपक को कहा कि आप इसे पढो । दीपक ने डॉक्टर से इस रिपोर्ट के बारे में बात की तो पता चला । सोनिया को last stage canser हैं , सोनिया ने कहा अब आप अपने घर जाओ और दुबारा यहा कभी मत आना।
डॉक्टर ने दीपक को बताया सोनिया बस थोड़े दिनों की महमान है, इसके पास ज्यादा समय नही है।।
सोनिया ने तो दीपक को मिलने से मना कर दिया , लेकिन दीपक या सोनिया दोनों ने सगाई के बाद अब तक जो सपने देखे थे । जो बातें की थी , उन सबको दीपक के लिए भुलाना आसान नही है , क्योकि दीपक की ज़िंदगी मे पहली लड़की सोनिया ही थी, जिसको उसने अपना दोस्त, प्यार और पत्नी के रुप मे स्वीकार कर लिया था।
आगे इनकी ज़िंदगी मे या इनके नशीब में क्या लिखा हुआ है ये तो पता नही...... , लेकिन भगवान से पार्थना करती हूं कि इन दोनों को इस दुख से निकलने की हिम्मत दे भगवान । भगवान ऐसे किसी के प्यार को अधूरा ना रहने दो ।।
🙏हे प्रभु ऐसे दुख किसी के जीवन मे ना आये।।
धन्यवाद।
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