शादी और समझ
आज समाज मे आये दिन एक नई कहानी सुनने को मिलती हैं, ओर इनमे से एक हैं शादीयां टूटना इसका जिम्मेदार कौन हैं क्या आप लोगो ने सोचा है कभी इस बारे में .......... ?
हम अपने बच्चो को पढ़ा लिखा रहे हैं , उनको कामयाब भी बना रहे हैं फिर चाहे वो लड़की हो या लड़का सबकी एक समान परवरिश कर रहे हैं , जो कि हमारे समाज के लिए गर्व की बात है, फिर पढ़ाई के साथ साथ हम अपने बच्चो को एक सभ्य समाज मे रहने के तौर तरीके सीखना क्यों भूल जाते हैं । क्या ये हमारी जिम्मेदारी नही बनती अपने बच्चों के प्रति की हम समय समय पर उनको अच्छे बुरे के बारे में बताए।
हम अपने बच्चो को क्यू नही समझाते रिश्तों की अहमियत को ,क्यों हम उन्हें रिश्तों को सही ढंग से चलाने के बारे में बताते , हम क्यों भूल जाते है इस बात को की आने वाले कल की परवरिश हम आज कर रहे हैं, आज हम जैसी शिक्षा और सीख अपने बच्चो को देंगे कल को वो उसी शिक्षा के ज़रिए अपने जीवन मे सही फैसला ले सकेंगे ।
( माफ़ कीजिए इस बारे मे अगर ओर ज्यादा लिखूंगी तो ठीक नही होगा क्योकि यहा मैं किसी की परवरिश में उंगली नही उठा रही बस कुछ ऐसा बता रही हु जो सत्य हैं)
हम बात कर रहे थे शादी जैसे पवित्र बंधन को निभाने की हमने अपने आस पास ऐसी कई कहानियां सुनी या देखी होंगी ऐसी ही कहानीयां जो मेरे अपनो के साथ घटित हुई हैं , उसको लेकर फिर से हाज़िर होऊँगी ।।
एक उम्मीद के साथ की आपको मेरा लेख पसंद आए।
धन्यवाद।
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