कुछ तो जरूर है तेरे मेरे दरमियाँ,
वरना यूँ ही दिल बेचैन ना होता,
ना तुम चुप होते ना मैं चुप होती,
ओर ना कोई बेताब होता,
दिमाग की सुनी बहुत,
अब दिल की सुनके देखते हैं,
आओ अब पास मेरे फिर से,
मोहब्बत करके देखते हैं....।
ना मैं अनजान हूँ, ना तुम हँसी इस रात से,
आजाओ पास मेरे तुम्हे बाहों में भर के देखती हूँ।
हा.......,
फिर से मोहब्बत करके देखती हूँ....,
एक बार फिर से मोहब्बत करके देखती हूँ।।
लवलीन यदुवंशी
21फरवरी 2022
Comments
Post a Comment