इश्क़ चालीस का कुछ नया सा ,
कभी खुशबु से भरा सा ,
कभी खट्टी मीठी यादों सा,
कभी धूप सा
कभी छाँव सा,
कभी तेरे विरह की पीड़ा सा,
कभी मिलने की खुशी सा,
इश्क़ चालीस का कुछ नया सा ,
कभी तुम्हें ना पाने का गम सा,
कभी तुम्हें फिर से पा लेने की खुशी सा,
कभी तुम्हारे गुस्सा सा,
कभी मुस्कुराहट सा ,
कभी अपना सा,
कभी पराया सा,
इश्क़ चालीस का कुछ नया सा ,
कभी तुम्हारे नाम सा,
कभी बे बुनियाद सा,
कभी चुलबुला सा,
कभी पानी का बुलबुला सा,
कभी याद सा ,
कभी फरियाद सा
इश्क़ चालीस का कुछ नया सा,
कभी उमंग सा,
कभी तरंग सा,
कभी झील सा,
कभी आवेग सा,
कभी निर्मल सा,
कभी पावन सा,
इश्क़ चालीस का कुछ नया सा ,
कभी अदब सा,
कभी बेशर्म सा,
कभी मासूम सा,
कभी बालों की सफेदी सा,
कभी तुम सा कभी मुझ सा,
इश्क़ चालीस का कुछ नया सा...!
इश्क़ चालीस का सिरफिरा सा..!
#लवलीन यदुवंशी
8 अप्रैल 2022
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